कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन की ओर से क्रिसमस का जश्न मनाने के लिए होने वाले कार्यक्रमों पर लगाई गई रोक।

कोरोनाकाल के चलते इस साल क्रिसमस पर होने वाले कार्यक्रमों में भी परिवर्तन किया गया है। जिसके चलते क्रिसमस की पूर्व संध्या 24 दिसंबर यानि आज आधी रात को शहर भर के चर्चों में होने वाली विशेष आराधना शाम को ही कर ली जाएगी। करीब दो घंटे तक होने वाली आराधना के लिए शहर के चर्चों को आकर्षक रूप से सजाया गया है। अगले दिन यानि 25 दिसंबर की सुबह प्रार्थना सभा के बाद चर्च को बंद कर दिया जाएगा। उधर, इस बार शहर के पांच चर्चों को अलग-अलग समय पर खोलने का फैसला लिया गया है।

गुरुवार  (24 दिसंबर) को प्रभु के आगमनकाल पर चर्चों में शाम साढ़े छह बजे से साढ़े आठ बजे तक विशेष आराधना होगी। 25 दिसंबर यानि कल क्रिसमस के मौके पर प्रार्थना सभा के बाद चर्च को बंद कर दिया जाएगा। कॉन्वेंट रोड स्थित सेंट फ्रांसिस कैथोलिक चर्च के फादर फोस्टीन जॉन पिंटो ने बताया कि इस बार 24 दिसंबर की रात को होने वाली आराधना का समय बदल कर शाम साढ़े छह से साढ़े आठ बजे तक रखा गया है। रातभर आराधना नहीं होगी।

यह पहली बार हो रहा है। वहीं, प्रभु यीशु के जन्मदिन यानि 25 दिसंबर को सुबह पवित्र मिस्सा के बाद चर्च बंद कर दिए जाएंगे। शाम को चर्च में प्रार्थना सभा का आयोजन नहीं किया जाएगा। समुदाय के लोगों के लिए ऑनलाइन प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा।
कहा कि प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन के तहत ही क्रिसमस को सादगी के साथ मनाया जाएगा। उधर, क्रिसमस के मौके पर इस बार शहर में पांच ही चर्चों को खोला जाएगा। चर्च में लोगों की भीड़ न लगे इसके लिए यह फैसला लिया गया है। सबसे जरूरी बात यह कि चर्च में आने वाले व्यक्ति को बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही सैनिटाइजेशन का विशेष रूप से ख्याल रखा जाएगा।

देश और कोरोना योद्धाओं के लिए होगी विशेष प्रार्थना:
क्रिसमस के मौके पर शहर भर के चर्चों में कोरोना योद्धाओं के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। राजपुर रोड स्थित मॉरिसन मेमोरियल चर्च के रेवरेन पीजे सिंह ने बताया कि देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद से हर रविवार को प्रत्येक नागरिक की खुशहाली के लिए प्रार्थना की जा रही है।

क्रिसमस के खास मौके पर कोरोना योद्धाओं समेत देश के लिए विशेष प्रार्थना कर प्रभु से जल्द कोरोना से मुक्ति की दुआ करेंगे। बताया कि प्रार्थना सभा में एक बार में 100 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

क्रिसमस के जश्न पर रोक सही फैसला:
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन की ओर से क्रिसमस का जश्न मनाने के लिए होने वाले कार्यक्रमों पर लगाई गई रोक को ईसाई समुदाय के लोगों ने सही फैसला बताया। सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च कमेटी के सदस्य राहुल दयाल ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं।

ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन बहुत जरूरी है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सही फैसला लिया है। मुश्किल की इस घड़ी में हमें सरकार और प्रशासन का सहयोग करना होगा, जिससे जल्दी से इस संकट से निपटा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *