आज से इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री तक कम रह सकता है।

प्रदेश के मैदानी इलाकों में आज और कल घना कोहरा छाया रह सकता है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। इसके अलावा विभाग ने मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री तक की कमी आ सकती है। इससे ठंड में इजाफे को देखते हुए लोगों को सर्दी से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम केंद्र की ओर से रविवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर के अधिकांश और नैनीताल व पौड़ी के मैदानी इलाकों में बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है। इसके अलावा सोमवार से इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री तक कम रह सकता है।
जिससे दैनिक औसत तापमान 15 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। विभाग ने अचानक ठंड बढ़ने पर लोगों को सर्दी से बचाव करने की सलाह दी है। साथ ही सभी जिलों के अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए भी कहा गया है।

शीतलहर ने बढ़ाई ठंड, चकराता में -02 डिग्री पहुंचा पारा:
पहले बर्फबारी और फिर ठंडी हवाओं ने ठंड में खासा इजाफा कर दिया है। दिनभर पहाड़ से लेकर मैदान तक ठंडी हवाएं चलती रही। चकराता में खिली धूप ने भले ही अधिकतम तापमान में इजाफा किया हो, लेकिन न्यूनतम तापमान -02 डिग्री पर जा पहुंचा। शाम ढलने के बाद से ही ठंड बढ़ गई।

जगह-जगह लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव और हीटर तापते नजर आए। पहाड़ी इलाकों के बाजारों में जल्द ही सन्नाटा पसर गया।  इससे पहले बीते शनिवार को पहाड़ी इलाकों में झमाझम बारिश के बीच बर्फबारी हुई थी।

मैदानी इलाकों में भी दिनभर ठंडी हवाएं शरीर में सिहरन पैदा करती रही। शीतलहर चलने से दोपहर बाद आसमान में धुंध छा गई, जिसके चलते सूरज के दर्शन नहीं हो सके। वहीं, विकासनगर का अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 07 डिग्री रहा। 

सैलानियों ने किया पहाड़ों का रुख:
रविवार को हुई बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में पर्यटकों ने जनजातीय क्षेत्र की ऊंची चोटियों का रुख किया। लोखंडी, देववन, खंडबा, व्यास शिखर, मुंडाली, जाड़ी, मोयला टॉप समेत तमाम ऊंची चोटियों पर पर्यटक बर्फ में खेलते नजर आए। ठंडी हवाएं भी उनके उत्साह में कमी नहीं ला सकी हालांकि, रविवार को साप्ताहिक बंदी होने के चलते चकराता में पहुंचे लोगों को खाने-पीने का सामान उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके चलते उन्हें निराश लौटना पड़ा।

धारचूला में पड़ी एक फुट बर्फ, सेना की आवाजाही में भी बाधा:
पिथौरागढ़ जिले में धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी हो रही है। छियालेख में एक फुट बर्फ गिर चुकी है। इससे सेना के साथ ही आम आदमी के लिए क्षेत्र में आवाजाही मुश्किल हो गई है। वहीं लिपुलेख और नाभीढांग में तीन से चार फुट बर्फ से रास्ते ढक चुके हैं।

खेतों से लेकर सड़कों तक पड़ने लगा पाला:
मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों में हिमपात के बाद शनिवार की रात को ही आसमान साफ हो गया था। इसके बाद पाला गिरने से निचले इलाकों में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई। सुबह के समय खेतों से लेकर सड़कों तक पाले की सफेद चादर नजर आई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *