कई मंत्री हालात को देखते हुए प्रदेश में लॉकडाउन के पक्ष में हैं।

कोविड संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सोमवार को प्रस्तावित मंत्रीमंडल की बैठक में प्रदेश में सशर्त लॉकडाउन पर फैसला हो सकता है। कई मंत्री हालात को देखते हुए प्रदेश में लॉकडाउन के पक्ष में हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के स्तर से अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है।

कोविड संक्रमण के खिलाफ जंग में सख्त रुख अपनाने का संकेत रविवार को देहरादून में कोरोना कर्फ्यू और विवाह समारोह में लोगों की संख्या 50 तक सीमित कर सरकार पहले ही दे चुकी है। अभी तक सरकार की कोशिश माइक्रो कंटेनमेंट जोन और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन कराकर, नाइट कर्फ्यू आदि के जरिए संक्रमण का प्रसार रोकने की थी। लेकिन हालात अब बिगड़ते ही जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में रोज 4000 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। 

कुछ मंत्रियों ने लॉकडाउन पर जोर दिया:
इसी को देखते हुए अब कुछ मंत्रियों ने लॉकडाउन पर जोर देना शुरू कर दिया है। वन और आयुषमंत्री हरक सिंह खुलकर इसकी पैरवी कर रहे हैं। ऐसे में सोमवार को प्रस्तावित मंत्रीमंडल की बैठक में सरकार के स्तर से इस पर फैसला किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक लॉकडाउन पर फैसला नहीं भी लिया गया तो सरकार कोरोना कर्फ्यू को अन्य स्थानों पर लागू करने पर विचार कर सकती है। इसके साथ ही कोविड चेन को तोड़ने के  लिए अन्य सख्त उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। 

अभी तक सरकार ने शिक्षण संस्थान बंद, दिन में दो बजे तक बाजार बंद करने जैसे ही उपाय अपनाए हैं। देहरादून और प्रदेश के अन्य शहरों में फ्लोटिंग जनसंख्या अधिक है। इसको देखते हुए ही लॉकडाउन की बात की जा रही है।मुख्यमंत्री की ओर से सख्त से सख्त रुख अपनाए जाने की बात जरूर की जा रही है। 

प्रदेश में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण लॉकडाउन जरूरी हो गया है। मेरी अन्य मंत्रियों से भी बात हुई है और उनकी ओर से भी सहमति जताई जा रही है। देहरादून में लोगों को अस्पतालों में जगह तक नहीं मिल पा रही है। सोमवार को कैबिनेट है और इसमें लॉकडाउन पर विचार किया जा सकता है।
-हरक सिंह,वन एवं आयुष मंत्री

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