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सैलानियों को टाइगर की माद में ले गया जिप्सी चालक, बीजेपी नेता के वीडियो साझा करने के बाद हुई कार्रवाई

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे फाटो जोन में एक हैरान और खौफनाक करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे फाटो पर्यटन जोन में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. भाजपा नेता मदन जोशी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के बाद वन विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जिप्सी चालक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मदन जोशी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एक जिप्सी वाहन टाइगर के बेहद करीब से गुजरता हुआ दिखाई दे रहा है. वीडियो साझा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नए चालक पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देने की होड़ में वन्यजीवों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि टाइगर को कुचलने जैसी घटनाएं कभी भी हो सकती हैं और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो बड़ा हादसा हो सकता है. भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में कहा कि बड़ी मेहनत और वर्षों के प्रयासों के बाद कॉर्बेट के विभिन्न फाटो (पर्यटन जोन) विकसित किए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है, लेकिन कुछ चालक नियमों की अनदेखी कर पूरे पर्यटन तंत्र और वन्यजीव संरक्षण की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया है.

मामले की जांच के बाद प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) तराई पश्चिमी वन प्रभाग प्रकाश चंद्र आर्य ने संबंधित जिप्सी चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के सभी फाटो पर्यटन जोनों में प्रवेश करने से अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. वन विभाग का कहना है कि पर्यटन के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी चालक या गाइड द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

विभाग ने स्पष्ट किया है कि पर्यटकों को वन्यजीव दिखाने के नाम पर जानवरों के अत्यधिक करीब जाना या उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप करना गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है. इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने अन्य जिप्सी चालकों और गाइडों को भी नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है, वहीं स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों ने विभाग की कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में जरूरी कदम बताया है.