मुख्य सचिव ने दिए निर्देश नई शिक्षा नीति के आसान और सहज प्रावधान पहले होंगे लागू।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और रोजगार परक प्रावधानों को पहले लागू करें। उन्होंने पहले चरण में आसानी और सहजता से लागू होने प्रावधानों पर काम करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव राज्य सचिवालय में राज्य उच्चस्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक में शिक्षा नीति की कार्ययोजना पर चर्चा कर रहे थे। नई शिक्षा नीति प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर लागू होनी है। बैठक में अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता और सुधार से संबंधित नई शिक्षा नीति में जो प्रावधान सहज हैं और जिनको व्यापक विचार विमर्श के बिना लागू किया जा सकता है, उन पर कार्य शुरू कर दें। व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता वाले प्रावधान आगे विचार विमर्श के लिए रखे जाएं।

उन्होंने नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षा को ढालने तथा उसकी अवसंरचना तैयार करने के लिए सरकारी और गैर सरकारी शिक्षाविदों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीति के प्रावधानों के अनुरूप पहले चरण में विभिन्न निकायों, समितियों और उप समितियों के गठन की रूपरेखा तैयार कर लें। उन्होंने शिक्षा नीति के मुख्य प्रावधानों के अनुपालन के लिए विस्तृत होमवर्क करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विभिन्न कार्यों के संचालक के लिए आवश्यकतानुसार समितियों और उप समितियों का गठन करने को कहा। ये समितियां शिक्षा नीति के विभिन्न प्रावधानों पर व्यापक विचार विमर्श करेंगी और उसके बेहतर क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेंगी। बैठक में प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रम हरवंश सिंह चुघ, निदेशक अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान सीमा जौनसारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

स्कूल 10 वीं और 12 वीं के छात्रों से ले सकेंगे पूरी फीस:
प्रदेश में कोविड 19 के चलते सरकार ने अब तक स्कूलों को महज ट्यूशन फीस लेने के आदेश किए थे, लेकिन अब नए आदेश में स्कूलों को पूरी फीस लेने का अधिकार दिया गया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक इस संबंध में विभाग की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है। 

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के बाद बोर्ड के छात्र-छात्राओं से पूरी फीस लेने संबंधित आदेश जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जब से स्कूल खुले हैं तभी से स्कूल बच्चों से पूरी फीस ले सकेंगे। लेकिन फीस के लिए किसी अभिभावक पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। इसके अलावा अन्य कक्षाओं के बच्चों से जिन्हें ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है उनसे टयूशन फीस के अलावा किसी तरह की कोई अन्य फीस नहीं ली जा सकेगी। 

स्कूल कब से खुलेंगे, अभी तय नहीं : सुंदरम
शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि प्रदेश में स्कूल कब से खुलेंगे अभी इस पर कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी। इस पर प्रदेश सरकार के स्तर से सामूहिक निर्णय लिया जाना है। प्रदेश में कोविड 19 के चलते मार्च 2020 से स्कूल बंद चल रहे हैं।

हालांकि 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए दो नवंबर 2020 से स्कूल खुल गए हैं। लेकिन अन्य छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अब भी ऑनलाइन चल रही है। अब स्कूल खुलने के मसले पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो ऑनलाइन गृह परीक्षा और मूल्यांकन पर भी विचार किया जा सकता है। शिक्षा सचिव के मुताबिक स्कूल खुलने के मसले पर जल्द कोई सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।

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