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फिर सुर्खियों में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट, ग्रामीण ने लगाया धोखाधड़ी कर जमीन बेचने का आरोप, पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग

मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में एक ग्रामीण ने धोखाधड़ी कर जमीन बेचने को लेकर प्रशासन को पत्र लिखा है.

गैरसैंण: भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में जमीनों की खरीद फरोख्त का मामला पूर्व में सामने आने के बाद जमकर सुर्खियों में बना रहा. वहीं अब एक ग्रामीण ने आगे आकर धोखाधड़ी कर पुश्तैनी जमीन बेचे जाने की शिकायत उपजिलाधिकारी गैरसैंण और तहसीलदार से की है. जिसके बाद प्रशासन द्वार जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है.

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर से सटे मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में पहले बड़ी मात्रा में भूमि बिक्री के विवाद के बाद अब धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया है. मामले को लेकर एक ग्रामीण ने धोखे से अपनी पुश्तैनी भूमि बेचे जाने की बात कहते हुए शिकायत दर्ज कराई है. भूमि बिक्री मामले में ग्रामीण ने उपजिलाधिकारी को धोखाधड़ी का शिकायत पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की है.

ग्रामीण मदन सिंह ने धोखे से अपनी पुश्तैनी जमीन बेचे जाने का शिकायती पत्र उपजिलाधिकारी गैरसैंण व तहसीलदार को दिया है. मदन सिंह के अनुसार गोल खाता संख्या 93 के कुल 14 हिस्सेदार हैं, जिनमें मदन सिंह पुत्र मकड़ सिंह भी हिस्सेदार हैं. शिकायती पत्र के अनुसार भूमि की बिक्री के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया है. हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम व उत्तराखंड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के अनुसार भूमि बिक्री के समय सभी खातेदारों की सहमति लेना आवश्यक होता है. लेकिन मामले में ऐसा न कर गुपचुप तरीके से सौदा कर दिया गया.

बेची गयी भूमि को लेकर दाखिल खारिज की कार्रवाई से पूर्व 23 जुलाई को सुनवाई होनी है. जिसमें शिकायतकर्ता और भूमि बेचने वाले काश्तकारों को बुलवाया गया है. दोनों पक्षों के दावों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
– हरीश पांडे, तहसीलदार गैरसैंण –

जिसके तहत 13 मई को रवि चौहान पुत्र कुलदीप चौहान निवासी अल्मोड़ा व हरि सिंह पुत्र नैन सिंह निवासी बागेश्वर को भूमि बेची गयी है. मदन सिंह ने बताया कि कुल बेची गयी 35 नाली भूमि में से उनके खेत नंबर 663 ,671 व 672 भी शामिल हैं, जिनका नाप लगभग 12 नाली के बराबर है.

उल्लेखनीय है कि विगत जून माह की शुरुआत में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में चार काश्तकारों द्वारा 35 नाली भूमि बेचे जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद जहां स्थानीय लोगों ने बड़ी मात्रा में भूमि की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की थी. जिसके बाद बिक्री की गई भूमि की वैधानिक जांच के लिए जिलाधिकारी चमोली द्वारा अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम का भी गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है.

जांच कमेटी के अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश के अनुसार

अभी मामले में जांच चल रही है, अंतिम तथ्य गैरसैंण तहसील से प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी. जिसके बाद ही भूमि की क्रय-विक्रय को लेकर स्थिति साफ होगी.
-विवेक प्रकाश, अपर जिलाधिकारी व जांच अधिकारी –

सारकोट में जोरों पर जमीन की खरीद फरोख्त: गौर हो कि धामी सरकार ने उत्तराखंड में जमीन की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए सख्त भू-कानून लागू किया है. लेकिन इसके बाद भी जमीनी हकीकत ठीक उलट सामने आ रही है और बाहरी लोग जमीन की खरीद फरोख्त कर रहे हैं. वहीं मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में जमीनों के खरीद फरोख्त का मामला सामने आने के बाद काफी चर्चाओं में बना है.