गैरसैंण में सत्र के नाम पर जनता के पैसों की बर्बादी।

गैरसैंण में सत्र के नाम पर जनता के पैसों की बर्बादी। सरकार ने फूंक डाले दो करोड़ रुपये।

गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने को अपनी उपलब्धि बताने वाली कांग्रेस और भाजपा की सरकारों ने सत्र के नाम पर लगभग दो करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए। सूचना के अधिकार से खुलासा हुआ है। हल्द्वानी निवासी आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा द्वारा मांगी गई जानकारी से खुलासा हुआ है कि वर्ष 2014 से 2017 तक गैरसैंण में आयोजित हुए चार विधानसभा सत्रों में राज्य सरकार ने एक करोड़ चौरानब्बे लाख छियासी लाख दो सौ आठ (19486208) रुपये खर्च कर दिए। इस भारी-भरकम राशि का अधिकतर हिस्सा खान-पान, साज-सज्जा, परिवहन तथा अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया गया। आरटीआई में बताया गया है कि वर्ष 2014 में हरीश रावत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 3 दिन के सत्र में 57,09,126 रुपये खर्च किए। उसी सरकार ने वर्ष 2015 में 2,77,817 रुपये और 2016 में 36,29,716 रुपये खर्च किए।मौजूदा त्रिवेंद्र सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में आयोजित दो दिन के सत्र में 98,79,395 लाख रुपए खर्च किए। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन सभी सत्रों में हुए खर्चो में राज्यसम्पति विभाग, लोकनिर्माण विभाग और पेयजल विभाग द्वारा किए गए खर्चे अलग से हैं, जिनकी जानकारी अभी आनी बाकी है।

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