नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज के स्वामित्व और इसमें प्रधानाचार्य की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेज के मौजूदा प्रधानाचार्य अमनदीप संधू को राहत दी है।

शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड हाईकोर्ट से कहा है कि वह संधू का पक्ष सुनने के बाद ही कोई निर्णय लें। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 9 दिसंबर के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया है, जिसमें आगरा डायसिस की ओर से नियुक्त प्रधानाचार्य पीटर इमेन्युअल और अन्य को पुलिस सुरक्षा दी गई थी। संधू की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने याचिका को निस्तारित कर दिया है। 

बता दें कि पूर्व में आगरा डायसिस ने कहा था कि उसने शेरवुड कॉलेज में संधू के स्थान पर पूर्व में नगर के एक अन्य प्रतिष्ठित विद्यालय सेंट जोसेफ्स कॉलेज के प्रधानाचार्य रहे पीटर धीरज इमेन्युअल को प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया है, लेकिन संधू उन्हें पदभार नहीं दे रहे हैं। डायसिस ने हाईकोर्ट से पुलिस सुरक्षा की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने पुलिस सुरक्षा दिए जाने के आदेश दिए थे।

इसके बाद इमेन्युअल आगरा डायसिस के बिशप प्रेम बी हाबिल समेत कुछ अन्य लोगों के साथ तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता एवं पुलिस बल के साथ दो बार विद्यालय के गेट पर पहुंचे थे, जहां ताला लगा था और उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका। शेरवुड के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने कहा कि आगरा डायसिस के बिशप हाबिल को तो बहुत पहले ही पद से हटाया जा चुका है और वे विधिक रूप से प्रधानाचार्य को हटाने या नियुक्त करने के अधिकारी नहीं हैं। 

इस बीच, पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय के गेट पर लगा ताला काटने का प्रयास किया गया, किंतु विद्यालय के कर्मचारियों और अन्य लोगों के विरोध के चलते उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। मामले में नया मोड़ तब आया जब लखनऊ डायसिस ने स्वयं को शेरवुड का मालिकाना हकदार बताते हुए हाईकोर्ट में इंटरवेंशन याचिका दाखिल कर दी। इसके साथ ही शेरवुड के स्वामित्व का मामला और ज्यादा उलझ गया। 

इस बीच, संधू ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि इस पूरे मामले में उन्हें सुना ही नहीं गया और दूसरे पक्ष को पुलिस सुरक्षा भी मिल गई। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पुलिस सुरक्षा संबंधी आदेश को निरस्त करते हुए संधू को सुने जाने के बाद गुण दोष के आधार पर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों ने झोंकी ताकत:
सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका पर बहस के लिए अमनदीप संधू और विपक्षी पार्टी आगरा डायसिस ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नेतृत्व में जाने माने अधिवक्ताओं की पूरी फौज तैनात की थी। हाई प्रोफाइल मामले में संधू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के नेतृत्व में नौ अधिवक्ताओं, जबकि आगरा डायसिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और मीनाक्षी अरोरा समेत दस जाने-माने अधिवक्ताओं की टीम पैरवी कर रही थी।

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