देहरादून अस्पताल में ऑक्सीजन लाइन में रिसाव से अटकी मरीजों की सांसें।

देहरादून में राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन अस्पताल परिसर के कोविड वार्ड में शनिवार रात ऑक्सीजन लाइन में लीकेज हो गई। इससे वहां भर्ती मरीजों की सांसें उखड़ने लगीं। आननफानन में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थिति संभाली और बड़ा हादसा होने से बचा गया।

कुछ दिन पहले ही अस्पताल के नए भवन में कोविड वार्ड बनाया गया है। जहां ऑक्सीजन युक्त 34 बेड बनाए गए हैं। सभी बेड फुल हैं। 15 मरीज मुख्य भवन में भर्ती हैैं। शनिवार रात कुछ मरीज सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई और कुछ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर थे। अचानक लाइन में लीकेज आने से हड़कंप मच गया। आननफानन लाइन से सप्लाई बंद की गई।

अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज उप्रेती और कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. एनएस बिष्ट की देखरेख में स्टाफ ने कंसंट्रेटर पर लेकर मरीजों को संभाला। डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि लाइन में कुछ दिक्कत आई थी। ठेकेदार की ओर से तकनीशियन बुलाकर इसे ठीक कराने की कोशिश की जा रही है। हमारे पास 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैैं। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं हुई हैैं। उन्हें समय से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर ले लिया गया।

निशुल्क आक्सीजन सेवा का शुभारंभ:
कुछ नवयुवकों ने कोरोना मरीजों में बढ़ती आक्सीजन की मांग को कुछ कम कर लोगों की जान बचाने का पुण्य कार्य शुरू किया है। अपील की है कि यदि किसी के घर में कोई आक्सीजन सिलिंडर खाली हो तो हमें भेंट करें, ताकि उसको रिफिलिंग कर किसी अन्य को देकर उनकी जान बचाई जा सके।

श्रवण वर्मा 9837000501 व संजीव मलहोत्रा (पार्षद) 9997773737 ने अपने मोबाइल नंबर सांझा करते हुए कहा कि किसी भी मरीज को आक्सीजन सिलिंडर की यदि आवश्यकता हो तो हमें फोन करें। यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

फंड जारी करना मात्र चुनावी स्टंट:
कांग्रेस सेवादल के महानगर प्रभारी एवं उत्तराखंड सचिव पीयूष गौड़ ने मांग की है कि कोरोना काल में विधायकों को दिए जाने वाले एक-एक करोड़ रुपये के पूरे खर्च में पारदर्शिता बरती जाए। हालांकि उन्होंने सरकार के इस निर्णय को महज चुनावी स्टंट भी बताया है।

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