Merit based इमिग्रेशन सिस्टम लाएंगे जिस से भारतीय प्रोफेशनल्स को फायदा हो: डोनाल्ड ट्रम्प

वॉशिंगटन DC . डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को US CONGRES में पहली स्पीच दी, स्पीच में उन्होंने अमेरिकियों के राइट्स की हिफाजत के लिए इमिग्रेशन Rules को और सख्त करने की बात कही। लेकिन यह भी कहा कि Merit based इमिग्रेशन सिस्टम लाया जाना चाहिए। ट्रम्प ने कहा कि इसका फायदा भारत जैसे कई देशों से आने वाले हाईटेक प्रोफेशनल्स को मिलेगा। इससे अमेरिका के करोड़ो डॉलर्स बचेंगे और वर्कर्स की सैलरी भी बढ़ेगी।

– “दुनिया के कई देशों जेसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा में मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम पहले से ही है।
– ट्रम्प ने कहा, “लिंकन सही कहते थे। आज उनकी की बातों पर अमल करने का वक्त आ गया है। अब हमें मौजूदा लोअर-स्किल्ड इमिग्रेशन के सिस्टम से बाहर आना होगा।”
– “अपने वर्कर्स को बचाने का मतलब है कि हम लीगल इमिग्रेशन सिस्टम को लाने जा रहे हैं। मौजूदा सिस्टम में वर्कर्स की कम सैलरी है और टैक्सपेयर्स पर दबाव ज्यादा है।”

 

क्या कनेक्शन है भारत का इस बयान से

– भारतीय आईटी कंपनियां H-1B वीजा पर अपने इम्प्लॉइज को अमेरिका भेजती हैं।H-1B वीजा, एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है इसके तहत ही अमेरिकी कंपनियां अपने यहां फॉरेन वर्कर्स बुलाती हैं।

मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम कैसे काम करता है – ट्रम्प ने अपनी स्पीच में ऑस्ट्रेलिया के मेरिट बेस्ड सिस्टम का जिक्र किया। ऑस्ट्रेलिया हर साल सिर्फ 1.90 लाख परमानेंट माइग्रेशन वीजा देता है।
ऑस्ट्रेलिया में वीजा तीन कैटेगरी में दिए जाते हैं- Skilled, Family और humanitarian।
permanent residence  वाले 2/3 वीजा स्किल्ड माइग्रेंट्स को दिए जाते हैं ताकि वे हायली इम्प्लॉयेबल वर्कफोर्स माने जाएं।

 

क्या होता है Point based वीजा सिस्टम?

कुछ skilled वीजा भी point based सिस्टम पर दिए जाते हैं। इसमें applicant की इंग्लिश प्रोफिशिएंसी, उम्र, वर्क एक्सपीरियंस और ऑक्यूपेशन को तरजीह दी जाती है।
– माना  अगर कोई माइग्रेंट पीएचडी होल्डर है तो उसे स्किल्ड वीजा में पोस्ट ग्रेजुएट कैंडिडेट से ज्यादा प्वाइंट्स मिलेंगे।
– जो लोग family वीजा पर migrate होना चाहते हैं, उनका स्किल टेस्ट नहीं होता। लेकिन इनके लिए जरूरी होता है कि उन्हें कोई करीबी रिश्तेदार स्पॉन्सर करे। उस रिश्तेदार का ऑस्ट्रेलिया का सिटीजन या परमानेंट रेसिडेंट होना जरूरी है।
– रिफ्यूजी लोगों को humanitarian वीजा दिए जाते हैं।

 

कंसास शूटिंग पर बोले ट्रम्प, कहा- नफरत मंजूर नहीं होगी

– ट्रम्प ने कंसास फायरिंग में भारतीय इंजीनियर के मर्डर की निंदा की है और कहा है कि “मैं अपने दिल से बात कर रहा हूं। नफरत के किसी भी रूप की हम निंदा करते हैं। कंसास शूटिंग और यहूदियों के सेंटर्स को निशाना बनाना गलत है।”
आपको बता दें कि 22 फरवरी को कंसास के एक बार में अमेरिकी शख्स ने भारतीय लोगों पर फायरिंग की थी। इसमें श्रीनिवास कुचीभोतला (32 साल ) की मौत हो गई थी। वहीं, उनके दोस्त आलोक मदसानी जख्मी हो गए थे।
– ट्रम्प की स्पीच से ठीक पहले व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में भी कहा गया है कि ट्रम्प प्रवासियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले की निंदा करते हैं।
– बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस में कंसास शूटिंग के विक्टिम्स के लिए एक मिनट का मौन भी रखा गया।
– व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रेसिडेंट की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिनके मेंबर्स हमलों के शिकार हुए हैं।

ट्रम्प की प्रथम  कांग्रेस स्पीच की हाईलाइट्स

1 “सिटिजंस की सिक्युरिटी के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट का एक टास्क फोर्स बनाया जायेगा ताकि वॉयलेंट क्राइम कम हो सकें।”

2“दुनिया के हर देश, फिर वह हमारा दोस्त या दुश्मन, सभी को पता चल जाएगा कि अमेरिका मजबूत है, अमेरिकियों को गर्व है और अमेरिका फ्री है।”

3“ISS मुस्लिम, क्रिश्चियंस और धर्मों के लोगों को मार रहा है। मुस्लिम देशों समेत अपने सहयोगियों की मदद से उसे खत्म खत्म कर देंगे। रेडिकल इस्लामिक टेररिज्म से देश को बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।”

4“हम दूसरे देशों के साथ लगी अमेरिकी बॉर्डर की सुरक्षा करेंगे। सदर्न बॉर्डर पर जल्द ही एक दीवार बनाई जाएगी।”

5“मैंने होमलैंड सिक्युरिटी को ऑर्डर दिया है कि एक ऑफिस ‘VOICE’ यानी विक्टिम्स ऑफ इमिग्रेशन क्राइम एन्गेजमेंट का गठन किया जाए। देश में ड्रग्स न आने पाए, ये सुनिश्चित किया जाएगा।”

6फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी समेत पूरी दुनिया में आतंकी हमले देख चुके हैं। जो लोग भी अमेरिका आ रहे हैं, उनसे अपील है कि इस देश और यहां के लोगों का सम्मान करें। अमेरिका को आतंकियों का पनाहगाह नहीं बनने दिया जाएगा।

7“बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन (अमेरिकी चीजें ही खरीदें, अमेरिकियों को ही नौकरी दें)।

8“नुकसान झेल रही कंपनियों को दोबारा से जिंदा किया जाएगा। देश के लिए लड़ चुके हीरोज की मदद करेंगे। अमेरिकियों से किए गए वादे पूरे किए जाएंगे।”

9-“चुनाव के वक्त कई बड़ी कंपनियों जनरल मोटर्स, लॉकहीड, फोर्ड, फिएट-क्रिसलर, सॉफ्टबैंक और वॉलमार्ट ने कहा था कि वे अमेरिका में करोड़ों का इन्वेस्टमेंट करेंगे। मैं उनसे अपील करता हूं कि अमेरिका में नए जॉब लाएं।”

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