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सात गांवों की जीवनरेखा बनी बदहाल, ग्रामीणों ने गड्ढों का पूजन कर जताया विरोध

उत्तरकाशी के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों का बुरा हाल है. जिस कारण लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

उत्तरकाशी: प्रखंड मोरी के गैंचवान, देवरा, गुराड़ी, पेंसर, हलटाड़ी, दंणगाण और पोखरी गांव के ग्रामीणों ने वर्षों से जर्जर पड़े मोटर मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर बीते दिन अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने सारथी नामे तोक में सड़क पर बने गहरे गड्ढों का विधिवत पूजन कर सरकार और प्रशासन को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की तथा शीघ्र सड़क की मरम्मत कराने की मांग उठाई.

ग्रामीणों का कहना है कि यह मोटर मार्ग सात गांवों की जीवनरेखा है. क्षेत्र के हजारों लोगों का दैनिक आवागमन इसी सड़क से होता है. इसके अलावा सेब, राजमा और अन्य बागवानी एवं कृषि उत्पाद भी इसी मार्ग से देश की विभिन्न फल एवं कृषि मंडियों तक पहुंचाए जाते हैं. बावजूद इसके वर्षों से सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. पूरी सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में सेब सीजन शुरू होने वाला है.

आगामी दिनों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में सेब से लदे वाहन इसी मार्ग से गुजरेंगे. खराब सड़क के कारण वाहनों के फंसने, खराब होने और दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है. लगातार झटकों के कारण सेब की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे मंडियों में उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता और बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

संबंधित मोटर मार्ग की खराब स्थिति की जानकारी विभाग को है. सड़क के मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है. सेब सीजन और स्थानीय लोगों की आवाजाही को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके.
-योगेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई-

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले. लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों को सांकेतिक विरोध के रूप में गड्ढा पूजन का सहारा लेना पड़ा, ताकि शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित हो सके. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी. विरोध प्रदर्शन में दीपक डिमरी, कैलाश डिमरी, राजेंद्र नौटियाल, अनिल रांगड़, अरुण नौटियाल, उपेंद्र सिंह रांगड़, राजेंद्र पंवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.