कोरोना का असर इस साल 26 जनवरी की परेड में देखने को मिलेगा।

सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के तहत पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड सड़क पर होगी। एहतियात के तौर पर एहतियात के तौर पर परेड में शामिल होने वाली फोर्स में लगभग एक तिहाई की कमी गई है। रैतिक परेड में इस बार 12 की बजाय केवल आठ प्लाटून ही शामिल होंगी। 

अंतिम चरण में तैयारियां:
गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियां इस वक्त अंतिम चरणों में हैं। परेड ग्राउंड में तमाम स्थायी और अस्थायी काम तेजी से किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाए इसके मद्देनजर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

संक्रमण से बचाव के लिए हर उपाय अपनाए जाएंगे:
एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हर उपाय अपनाए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक परेड में केवल आठ प्लाटून को ही शामिल किया जाएगा। इनमें आईटीबीपी, आर्मी, जिला पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और एनसीसी की प्लाटून शामिल रहेंगी।

सोशल डिस्टेंसिंग के दृष्टिगत इस वर्ष रैतिक परेड पैवेलियन ग्राउंड से मार्च पास्ट शुरू कर लैंसडौन चौक, कनक चौक होते हुए डूंगा हाउस के सामने से परेड ग्राउंड में प्रवेश करेगी। मंच के सामने से मार्च पास्ट कर पानी की टंकी के पास पार्किंग से होते हुए रोजगार तिराहे से वापस पैवेलियन ग्राउंड की ओर जाएगी।

परेड ग्राउंड के प्लेटफार्म की चौड़ाई को बढ़ाया गया:
सोशल डिस्टेंसिंग के दृष्टिगत प्लाटूनों के मार्च पास्ट के लिए परेड ग्राउंड के प्लेटफार्म की चौड़ाई को बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त रैतिक परेड में विशिष्ट मेहमानों के शामिल होने के मद्देनजर पार्किंग व सुरक्षा व्यवस्था के प्रभावी इंतजाम के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। साथ ही अन्य व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने को संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है।

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