बद्रीनाथ धाम और आस-पास के गाँव बर्फ की चादर में ढके!


उत्तराखंड के चमोली जिले में दो दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी बुधवार को दोपहर बाद थम गई। धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिली। बदरीनाथ धाम में करीब ढाई फीट और हेमकुंड साहिब में लगभग साढ़े तीन फीट तक बर्फ जम गई है, जबकि फूलों की घाटी, घांघरिया, रुद्रनाथ, लाल माटी, माणा और नीती क्षेत्रों में चारों ओर बर्फ जमी हुई है।

जिले के निजमूला घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी गांव और घाट विकास खंड के कनोल, भेंटी बुग्याल और सुतोल गांव में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। आम रास्तों में बर्फ बिछ जाने से ग्रामीणों के सम्मुख आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है।

वहीं, बर्फबारी से जोशीमठ-औली और चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। वाहन बर्फ में फिसल रहे हैं। बारिश और बर्फबारी से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नगर क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई है।

बारिश और बर्फबारी गेहूं, सरसों और सेब की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। काश्तकारों का कहना है कि बर्फबारी व बारिश के कारण जमीन में नमी आ गई है। इससे जहां सेब की फसल की पैदावार अच्छी होगी, वहीं, निचले क्षेत्रों में  गेहूं व सरसों की फसल अच्छी होगी। गेहूं को पीला रतुआ रोग भी प्रभावित नहीं कर पाएगा।

देर रात से औली में हो रही बर्फबारी बुधवार को भी दिनभर रुक-रुककर जारी रही। पर्यटकों ने भी बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। बर्फबारी के दौरान कई उत्साही पर्यटक डांस करते रहे। उन्होंने औली में बिताए पलों को अपने कैमरों में कैद किया। पर्यटकों के साथ पहुंचे बच्चों ने भी बर्फ में अठखेलियां की।

बर्फबारी से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरे खिल गए हैं। पर्यटन व्यवसायी अजय भट्ट का कहना है कि औली में बर्फबारी होने से प्राकृतिक सुंदरता में निखार आ गया है। अब पर्यटकों के बढ़ने की उम्मीद है। कई पर्यटक फोन कर औली में बर्फबारी के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

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