सोमवार को हरिद्वार कुंभ में पवित्र सोमवती अमावस्या का शाही स्नान शुरू हो गया।

सुबह आठ बजे तक गंगा घाटों पर दस लाख भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई। हरकी पैड़ी क्षेत्र में श्रद्धालु सुबह सात बजे तक ही स्नान कर पाए, इसके बाद संतों के लिए रिजर्व रहेगा। नेपाल के पूर्व राजा भी शाही स्नान करने पहुंचे हैं।

हरिद्वार कुंभ में पहुंचे नेपाल नरेश, मुख्यमंत्री ने कहा- स्वागत है:
हरिद्वार कुंभ में नेपाल के पूर्व नरेश राजा ज्ञानेन्द्र बीर बिक्रम शाह के आगमन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व नेपाल नरेश को भेजे संदेश में कहा कि ‘देवभूमि उत्तराखंड और हरिद्वार कुंभ में आपका स्वागत है।

आप साधु-संतों के सानिध्य में गंगा स्नान कर कुंभ का पुण्य लाभ अर्जित करें।’ :
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान ने हरिद्वार जाकर राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह को मुख्यमंत्री की ओर से पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंनेे इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उत्तराखंड में निवास कर रहे नेपाली समुदाय के लोगों को संदेश भी दिया।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा:
निरंजनी, जूना और पंच अग्नि अखाड़ा भी पूरे दल-बल के साथ स्नान के लिए निकल चुका है। शाही स्नान के लिए सबसे पहले निरंजनी अखाड़ा के संत स्नान के लिए पहुंचेंगे। हरकी पैड़ी क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा है। स्नाइपर निगरानी करेंगे और बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वाड की टीमें अलर्ट हैं। सोमवार सुबह सबसे पहले श्री निरंजनी अखाड़ा के संत छावनी से शाही स्नान के लिए प्रस्थान करेंगे।

10.45 बजे तक स्नान करेंगे। यह क्रम शाम पांच बजे तक चलता रहेगा। मेला प्रशासन ने बारी-बारी से अखाड़ों के स्नान का रूट और समय चार्ट जारी कर दिया है।

श्रद्धालु हरकी पैड़ी छोड़कर बाकी घाटों पर स्नान करेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि समेत कई संतों के कोरोना संक्रमित होने से सोमवार को होने वाले सोमवती अमावस्या के शाही स्नान पर कोविड का साया है।
किन्नर अखाड़ा भी जूना के साथ ही चौथे नंबर पर स्नान करेगा
मेला पुलिस-प्रशासन ने स्नान की तैयारियां पूरी कर हरकी पैड़ी क्षेत्र को श्रद्धालुओं के लिए सील कर दिया है। हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में अखाड़ों के संत क्रमवार शाही स्नान करेंगे।

जूना के साथ अग्नि और आह्वान अखाड़ों के संत स्नान करेंगे। किन्नर अखाड़ा भी जूना के साथ ही चौथे नंबर पर स्नान करेगा।

जबकि बैरागियों की तीनों अणियों निर्माणी, दिगंबर और निर्मोही के संत भी एक साथ स्नान करेंगे। आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने बताया कि स्नान पर कड़ी सुरक्षा रहेगी।

शाही स्नानों के लिए पूरी व्यवस्था की जा चुकी है। मास्क, सैनेटाइजेशन किट आदि की पूरी व्यवस्था है और इसकी कोई कमी नहीं है। नियमों का पालन करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से कुंभ को भव्य बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
-तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *