उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इन्द्रमणी बडोनी जी के गांव से एक अनूठी पहल की सुरुआत ..

राजनीति अवसर का खेल है, चूक गए तो फेल है।लोगों को लगता है राजनीति में नामवाला या पैसेवाला ही जीत सकता है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं।

घनसाली विधानसभा और भिलंगना बिलॉक का केन्द्र विन्दु ग्यारह गाँव और हिन्दाव आये दिन चर्चाओं में रहता है , और हो भी क्यूँ न स्वर्गीय इन्द्रमणी बडोनी जी नें इसी ग्यारह गाँव हिन्दाव में जन्म लिया जिन्हें आज उत्तराखंड के गांधी के नाम से जाना जाता है , बात करें पूर्व कैविनेट मंत्री श्री मंत्री प्रसाद नैथानी की जो भले ही देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करते हैं वो भी ग्यारह गाँव हिन्दाव के ही मूल निवासी हैं , पूर्व ब्लाक प्रमुख श्री धनी लाल साह जो कि वर्ष 2009 में ग्यारह गाँव हिन्दाव अखोडी से निर्वरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए थे।
और वर्तमान विधायक घनसाली विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री शक्ति लाल साह भी ग्यारह गाँव हिन्दाव से ही हैं ।और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शोना सजवाण भी ग्यारह गाँव हिन्दाव से ही जिला पंचायत सदस्य चुनी गई ये सब लोग बहुत सामान्य परिवार से थे ।

ये वो धरती है। फिर चर्चा होनी लाजमी है , लेकिन इस समय ग्यारह गाँव हिन्दाव में जो चर्चा है वो चर्चा वो जातिवाद, क्षेत्रवाद और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर है और आखिरकार हो भी क्यूँ न श्री करण सिंह घणाता मूल निवासी ग्राम पंचायत घणात गाँव और पिछले लगभग 35 सालों से जिन्हें गोदाधार अखोडी में घणाता ब्रदर्स के नाम से जाना जाता है।
इनके द्वारा वर्षों से लगातार अपने व्यक्तिगत स्तर से क्षेत्रीय जन समस्याओं के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

विश्वनाथ जगदिशिला डोली सम्पूर्ण उत्तराखण्ड में 1 महीने तक यात्रा करती है। जिसके लिए उत्तराखंड के हर जिले में भक्त दर्शन करने को लेकर आतुर रहते हैं।और यात्रा का समापन विशोन पर्वत पर होता है।
वर्षों पूर्व विशोन पर्वत से 2 किलोमीटर पहले निलाछाड़ में स्वर्गीय भगत सिंह घणाता जी द्वारा बनाया गया धर्मशाला उन विकट परिस्थितियों में बनाया जब वर्ष 2004 में पैदल चलने के लिए रास्ता भी नहीं था उस समय इनके द्वारा निलाछाड में धर्मशाला बनाया गया।

बात करें कटकेस्वर महादेव मंदिर की तो श्री करण सिंह घणाता जी द्वारा समय समय पर मंदिर में भंडारे दिए जाते हैं। और क्षेत्रीय लोगों द्वारा मन्दिर में समय- समय पर अपनी मनोकामना पूर्ण होंने पर भेंट चढ़ाया जाता है, लेकिन वो समान सुरक्षित नहीं रहता था उसके लिए भी धर्मशालाओं में इनके द्वारा उस समान को सुरक्षित रखने के लिए चदरी के बक्से दिए गए जिस वजह से आज बिस्तर से लेकर बर्तन हर समान सुरक्षित हैं ।बात आई कटकेस्वर मन्दिर निर्माण की तो श्री करण सिंह घणाता जी बट वृक्ष की तरह खड़े हैं मंदिर निर्माण का कार्य जब से शुरू हुआ तबसे और अभीतक मंदिर निर्माण कार्य में लगी लेबर का खाने पीने की व्यवस्था भी इनके द्वारा की जा रही है।

राजकीय इण्टर कालेज अखोडी खेल मैदान पर जब वर्ष 2012 में पहली बार जेसीबी मसीन गयी उस समय भी सबसे पहले श्री घणाता जी नें ही आर्थिक सहायता दी और उसके बाद वर्ष 2014 में स्वर्गीय विनोद नैथानी मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के उदघाटन में बतौर मुख्यातिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शोना सजवाण जी द्वारा खेल मैदान का विस्तारीकरण की घोषणा की गई और जिसके लिए जमीन दिलाने के लिए श्री घणाता जी द्वारा ही अथक प्रयास किया गया है, और आज ग्राम पंचायत करखेड़ी के सहयोग से और जिला पंचायत अध्यक्ष जी के प्रयासों द्वारा राजकीय इण्टर कॉलेज अखोडी का खेल मैदान एक मिनी स्टेडियम के रूप में तयार है और जिसको अब स्टेडियम बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

ग्यारह गाँव हिन्दाव में इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध न होना अलग विषय है लेकिन श्री करण सिंह घणाता जी के द्वारा इसके लिए एक लम्बे समय तक अथक प्रयास किया गया । गोदाधार अखोडी में (एस बी आई बैंक )के लिए सुरवाती दौर में इनकी भागदौड़ को भूला नहीं जा सकता है । केन्द्रीय विद्यालय ग्यारह गाँव हिन्दाव में खुलवाने के लिए लगातार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से लगातार पत्राचार से लेकर व्यक्तिगत मुलाकात श्री करण सिंह घणाता जी द्वरा की जा रही है ।

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