अभिनेता सोनू सूद सिक्योरिटी गार्ड की बेटी के इलाज के लिए सामने आए।
रुड़की की एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाले नीलेश मिश्रा की बेटी की मदद के लिए फिल्म अभिनेता सोनू सूद आगे आए हैं। ऑस्टियोजेनिक सर्कोमा के दुर्लभ रोग से पीड़ित बच्ची के जनवरी तक के इलाज के लिए सोनू सूद की टीम ने एक लाख 22 हजार का चेक बच्ची के पिता को मुंबई में सौंपा है। ट्विटर के जरिए सोनू सूद से संपर्क करने वाले डॉ. संजय अग्रवाल और पिता बच्ची के पिता ने सोनू सूद का दिल से आभार जताया है।
निलेश मिश्रा मथुरा जिले के नंद गांव ब्लॉक के ग्राम नगला तिवारी के निवासी हैं। निलेश मिश्रा काफी समय पहले अनुबंध के तौर पर आईआईटी रुड़की में सुरक्षाकर्मी थे। इसके बाद फरवरी तक भगवानपुर की एक दवा कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनका परिवार गांव में ही रह रहा है।
उनकी बेटी चाहत करीब ढाई साल से ऑस्टियोजेनिक सर्कोमा नाम की हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं के कैंसर की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। इसका प्रभाव बच्ची के बाएं पैर पर है। दरअसल, बच्ची एक बार साइकिल चलाते हुए गिर गई थी। तब स्थानीय स्तर पर कई चिकित्सकों के यहां उपचार होने के बाद भी लाभ नहीं हुआ।
इसके बाद बच्ची को फोर्टिस हॉस्पिटल, दिल्ली में वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. साधना अग्रवाल के पास रेफर किया गया। यहां बच्ची के पैर में कैंसर होने की जानकारी मिली। यहां से जनवरी में उसे टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई रेफर किया गया।
संक्रमण बढ़ने के कारण बेटी के बाएं पैर को काटना पड़ा:
अगस्त में संक्रमण बढ़ने के कारण बेटी के बाएं पैर को काटना पड़ा। निलेश मिश्रा की आय काफी कम होने और इलाज के चलते नौकरी नहीं कर पाने से भारी आर्थिक तंगी आ गई। ऐसे में फोर्टिस अस्पताल की चिकित्सक डॉ. साधना अग्रवाल के पति डॉ. संजय अग्रवाल ने उनकी मदद का प्रयास किया और किसी तरह फिल्म अभिनेता सोनू सूद से संपर्क कर लिया।
पीड़ित बच्ची के पिता निलेश मिश्रा ने बताया कि 13 दिसंबर को सोनू सूद की टीम में शामिल उनके मित्र गोविंद अग्रवाल और अन्य ने उन्हें मुंबई में एक लाख 22 हजार का चेक दिया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने 15 जनवरी तक कीमोथैरिपी, दवाओं और कृत्रिम पैर के लिए इतना ही खर्च बताया था। बताया कि सोनू सूद की टीम ने आगे भी जरूरत पड़ने पर खर्च देने की बात कही है, लेकिन यह भी कहा है कि पहले अपने स्तर पर प्रयास करना। इसके बाद ही वे आगे की मदद करेंगे।
17 बार किया था ट्विट:
डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि निलेश मिश्रा अपनी बच्ची का मुंबई में इलाज करा रहे थे। वे सोनू सूद के फोलोअर भी हैं तो उनके मन में आया कि निलेश मिश्रा की मदद के लिए उनसे मदद मांगी जाए। उन्होंने बताया कि 17 बार उन्हें ट्विट किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने किसी के कहने पर उनकी टीम में शामिल गोविंद अग्रवाल से संपर्क किया तो उनकी टीम तुरंत मदद देने के लिए पहुंच गई।


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