सिडकुल में जीएसटी विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप, दो करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी, कई कंपनियां रडार पर
हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में जीएसटी चोरी सामने आने के बाद जीएसटी विभाग ने सख्त कार्रवाई की.
हरिद्वार: सिडकुल क्षेत्र में जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है. जीएसटी डिपार्मेंट ने जीएसटी चोरी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सिडकुल की 4 कंपनियों पर छापेमारी की. जहां अधिकारियों की टीम ने करोड़ों की जीएसटी चोरी और सर्कुलर ट्रेडिंग पकड़ी. इसके बाद मौके पर ही 2 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया. जबकि इन फर्मों के तमाम दस्तावेज कब्जे में ले लिए. औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में चल रही ये फैक्ट्रियां प्लास्टिक का दाना उत्पादन और ट्रेडिंग का कारोबार करती हैं. विभागीय कार्रवाई के बाद सिडकुल की तमाम कंपनियों में हड़कंप मच गया. अधिकारियों के मुताबिक अभी भी कई कंपनियां जीएसटी चोरी कर रही हैं, जो विभाग के रडार पर हैं. जल्द ही इनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है.
जीएसटी विभाग का सिडकुल में छापा दो करोड़ जुर्माना वसूला: अधिकारियों के मुताबिक राज्य कर विभाग विशेष अनुसंधान शाखा हरिद्वार की टीम ने बुधवार को सिडकुल क्षेत्र की चार कंपनियों में छापेमारी की. इस दौरान टीम को कंपनियों के स्टॉक में गड़बड़ी मिली. साथ ही जीएसटी अपवंचन में अनियमितताएं मिली. चारों कंपनियों में कर चोरी पकड़ी गई. मौके पर टीम ने कंपनियों से दो करोड़ का जुर्माना वसूला. कंपनियों की जांच और सर्वेक्षण की कार्रवाई गतिमान है. आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर रोशनाबाद सिडकुल की चार कंपनियों में जीएसटी टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की और इस दौरान भारी मात्रा में जीएसटी चोरी पकड़ी गई.
क्या बोले अधिकारी: राज्य कर उपायुक्त कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि छापेमारी के लिए चार टीमों का गठन किया गया था. टीमों में विशेष अनुसंधान शाखा, सचल दल और ऑडिट इकाई सहित कुल 12 अधिकारी शामिल रहें. जांच में चारों कंपनियां जीएसटी चोरी और सर्कुलर ट्रेडिंग में लिप्त मिली. कंपनियां ने अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाकर अपने रिटर्न में कैश भुगतान बेहद कम या शून्य दिखाया. चारों कंपनियां आपस में सर्कुलर ट्रेडिंग करते हुए. अपने टर्न ओवर को भी आभाषी रूप से बढ़ा रही थी. कंपनियों के परिसर में उनकी खरीद और बिक्री से स्टॉक का सत्यापन किया गया. मौजूदा स्टॉक और आईटीसी के आंकड़ों में बड़ी विसंगतियां सामने आई.
कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त: कार्तिकेय वर्मा के मुताबिक जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकार्ड जब्त कर लिए हैं. उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद टैक्स और जुर्माना निर्धारित करते हुए नियमानुसार वसूली की जायेगी. वहीं आयुक्त प्रतीक जैन ने बताया कि राज्य कर विभाग का विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा. फर्जी आईटीसी दर्शाकर कर अपवंचन करने के प्रयासों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग उत्तराखंड में ऐसी सभी कंपनियों पर सख्त निगरानी और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी.
