कोरोना वायरस पहले से ज्यादा खतरनाक हो गया है।

दुनियाभर में कोरोना वायरस में हो रहे बदलावों पर दून के डॉक्टरों की भी नजर है। डॉक्टर वायरस पर नजर रखकर भविष्य की तैयारियों का खाका खींचने लगे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कोरोना वायरस पहले से ज्यादा खतरनाक हो गया है, जिससे निपटने के लिए विभाग को अतिरिक्त तैयारी भी करनी पड़ सकती है।

कोरोना के प्रभावी उपचार के लिए दून अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया था। धीरे-धीरे यहां अब मरीजों की संख्या कम हो रही है। हालांकि डॉक्टर और सहायक स्टाफ अब भी पूरी सावधानी के साथ उपचार में जुटे हैं। अस्पताल की एक विंग कोरोना के स्वरूप में दुनियाभर में हो रहे बदलावों पर नजर बनाए हुए है।

किस स्वरूप में कोरोना का असर कितना है, किस तरह का ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी रोजाना मॉनिटरिंग हो रही है। इसका उद्देश्य नए सिरे से आने वाले मरीजों को समय से प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार उपलब्ध कराना और मृत्यु दर को कम से कम रखना है।

दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने बताया कि जिन देशों में कोरोना दोबारा फैल रहा है, वहां के हालातों पर नियमित नजर रखी जा रही है। कोरोना वायरस में समय के साथ बदलाव हो रहे हैं, जिनके उपचार का प्रोटोकॉल भी अलग-अलग है। हम सभी देशों के प्रोटोकॉल का अध्ययन कर रहे हैं ताकि दोबारा मामले बढ़ने पर सबसे प्रभारी उपचार दिया जा सके। 

तैयारियों की भी कर रहे समीक्षा:
देहरादून। डा. आशुतोष सयाना ने बताया कि उपचार तैयारियों की समीक्षा भी नियमित रूप से की जा रही है। जब कोरोना की शुरूआत हुई तब हमारे पास आईसीयू और वेंटिलेटर बेहद कम थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इनकी संख्या काफी अधिक बढ़ी है। दोबारा जहां कोरोना फैला है, वहां उसका असर और मृत्यु दर पहले से ज्यादा रिकॉर्ड की गई है।

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