कुंभ मेला भव्य और दिव्य होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कुंभ मेला निर्धारित समय पर होगा। इसका स्वरूप भव्य और दिव्य होगा। इसके लिए दिसंबर माह तक स्थायी व अस्थायी निर्माण कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। हरिद्वार और ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण के लिए 35 करोड़ की कार्य योजना तैयार की जा रही है। मेले के लिए हरिद्वार में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा। 400 से 500 अतिरिक्त डॉक्टरों की जरूरत होगी। उन्होंने तत्काल कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। 

मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुंभ मेला की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक की। सीएम ने कुंभ मेले में सौंदर्यीकरण व स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार व ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण को सुनिश्चित किया जाए। कुंभ का आयोजन दिव्य और भव्य होगा। मेला क्षेत्र में सौंदर्यीकरण के काम समय से पूरे करा लिए जाएं। कुंभ मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बरकरार रखते हुए कोविड के दृष्टिगत सुरक्षित आयोजन किया जाना है। इस संबंध में अखाड़ों के संत महात्माओं का मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाएगा। 
कुंभ के सभी स्थायी प्रकृति के काम दिसंबर माह तक पूरे कर लिए जाएंगे। अस्थायी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। मुख्य सचिव हर सप्ताह कुंभ की तैयारियों की समीक्षा करें। वहीं, शहरी विकास सचिव तीन दिन में और मेलाधिकारी के साथ प्रत्येक कार्यों की निगरानी करेंगे। स्वास्थ्य विभाग सामान्य रूप से होने वाली तैयारियों के साथ ही कोविड के दृष्टिगत भी योजना बनाकर काम करे।
ये है योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मशालाओं, आश्रमों व होटलों को कोविड के दृष्टिगत क्या करें और क्या न करें, की मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई जाए, साथ ही वहां पर काम करने वालों को प्रशिक्षण दिया जाए। सभी काम समय पर पूरे हो, इसके लिए दो शिफ्टों में काम किया जा सकता है। व्यापार मंडल के सहयोग से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाए। हरिद्वार में सड़कों को जल्द दुरुस्त किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरी काम कराए जाएं। 

बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुंभ मेले के विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार में कूड़ा निस्तारण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पर लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हरिद्वार में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा। मेले के लिए 400 से 500 डॉक्टरों की अतिरिक्त जरूरत होगी। एंबुलेंस की भी आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जा रही है।

बाइक एंबुलेंस और बोट एंबुलेंस के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे कुंभ मेला क्षेत्र को 23 सेक्टर में विभाजित किया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए अतिरिक्त टीमें रिजर्व में रहेंगी। अधिकारियों के लिंक अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।  बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव  ओमप्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, नितेश झा, शैलेश बगोली,  सौजन्या, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, आईजी अभिनव कुमार, संजय गुन्ज्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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