पतंजलि योगपीठ ने कोविड व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है।

हरिद्वार जिले के गंभीर कोरोना संक्रमितों को इलाज के लिए अब हायर सेंटर नहीं जाना पड़ेगा। पतंजलि योगपीठ ने कोविड व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। सरकार और पतंजलि मिलकर हरिद्वार के बाबा बर्फानी और अस्थायी बेस अस्पताल का संचालन करेंगे।

योग गुरु स्वामी रामदेव ने शुक्रवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ दूधाधारी स्थित बाबा बर्फानी अस्पताल और पावन धाम स्थित अस्थायी बेस अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की सभी बुनियादी व्यवस्थाएं बेहतर मिलीं।

साथ ही उन्होंने सरकार के साथ दोनों अस्पतालों के संयुक्त रूप से संचालन पर सहमति जताई। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि बाबा बर्फानी अस्पताल को अधिकृत कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। इसमें 22 वेंटिलेटर बेड के साथ आईसीयू और ऑक्सीजन बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल की कुल क्षमता 500 बेड की होगी। वहीं, अस्थायी बेस अस्पताल को अधिकृत कोविड स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील किया जा रहा है।

अस्पताल में 150 बेड उपलब्ध होंगे। डीएम ने बताया अस्पताल के संचालन के लिए शासन श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से 75 प्रशिक्षित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध करवा रहा हैं। इनमें से 25 डॉक्टर हरिद्वार पहुंच चुके हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टर और स्टाफ  नर्स को भी ड्यूटी पर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पतंजलि योगपीठ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवास, आवागमन और भोजन की सुविधा देगा। पतंजलि अस्पतालों में योग शिविर भी आयोजित करेगा। डीएम ने बताया कि शनिवार या रविवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और स्वामी रामदेव दोनों अस्पतालों का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने आभार जताया:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बाबा बर्फानी और अस्थायी बेस अस्पताल की देखभाल का जिम्मा उठाने पर स्वामी रामदेव और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का आभार जताया है। उन्होंने ट्वीट कर पतंजलि के प्रयासों की सराहना की।

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