दिवाली को लेकर कॉर्बेट लैंडस्केप में हाईअलर्ट घोषित कर वनकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, तराई पश्चिमी वन प्रभाग और रामनगर वन प्रभाग में वनकर्मियों को सघन चेकिंग के निर्देश दिए हैं। साथ ही लगातार गश्त करने को भी कहा है।

दिवाली के मौके पर उत्तराखंड में उल्लू और जंगली-जानवरों के शिकार की आशंका बढ़ जाती है। इस लिहाज से हल्द्वानी, रामनगर, काशीपुर क्षेत्र अधिक संवेदनशील हैं। इस सबके मद्देनजर वन्यजीव महकमे ने कॉर्बेट में अलर्ट जारी कर दिया है।
सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि वनकर्मियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया है। सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि वन क्षेत्र की सीमाएं खुली होने पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्र में विशेष सतर्कता और गश्त करने को कहा गया है।

उल्लुओं के शिकार की आशंका पर बढ़ाई गश्त:  
अंधविश्वास के कारण दीपावली में उल्लुओं के शिकार को देखते हुए देहरादून में भी वन विभाग सक्रिय हो चुका है। डीएफओ के निर्देश के बाद वन विभागों की टीमों ने रात्रि गश्त और चेकिंग शुरू कर दी है। प्रेमनगर, आशारोड़ी, रायपुर, टपकेश्वर आदि क्षेत्रों में रात्रि गश्त के साथ ही चेकिंग बढ़ा दी गई है। 

दरअसल,  अंध वश्वासों के चलते कुछ लोग धनतेरस और दीपावली के दिन उल्लुओं का शिकार करते हैं। पहले भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। इसके कारण वन विभाग हर साल राजाजी नेशनल पार्क में उल्लुओं के शिकार को लेकर अलर्ट जारी करता है।

इस बार भी डीएफओ राजीव धीमान ने सभी रेंजों को निर्देश जारी कर बैरियरों पर रात्रि गश्त और चेकिंग के निर्देश दिए हैं। डीएफओ राजीव धीमान ने कहा कि फिलहाल अभी तक अवैध शिकार से संबंधित कोई मामला सामने नहीं आया है। अगर ऐसा होता है तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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