कुंभ मेला से पहले हरिद्वार जिले में सभी हेल्थ वर्करों को कोविड वैक्सीन लगाई जाएगी।

पहले चरण में केंद्र ने हरिद्वार को 18 हजार से अधिक वैक्सीन की डोज दी है। इसके अलावा सरकार ने कुंभ मेला ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के लिए 20 हजार अतिरिक्त वैक्सीन देने की मांग की है।

तीर्थ नगरी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला को देखते हुए सभी हेल्थ वर्करों को कोविड का टीका लगाया जाएगा। पहले चरण के टीकाकरण की शुरुआत के लिए राज्य को मिली वैक्सीन की खेप में हरिद्वार को 18050 वैक्सीन दी गई हैं। सरकार का मानना है कि 16 जनवरी से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान में सबसे पहले हेल्थ वर्करों को ही वैक्सीन लगाई जाएगी।

हरिद्वार जिले के तहत आने वाले सभी हेल्थ वर्करों को कुंभ से पहले टीका लगाया जाएगा। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि पहले चरण में हरिद्वार को जितनी वैक्सीन मिली है। उससे सभी हेल्थ वर्करों को टीका लग जाएगा। कुंभ मेला में तैनात कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के लिए केंद्र से अलग से 20 हजार वैक्सीन की मांग की गई है। इसके लिए केंद्र से लगातार संपर्क किया जा रहा है।

कनेक्टिविटी की समस्या आने पर भी नहीं रुकेगा टीकाकरण:
उत्तराखंड में 16 जनवरी से शुरू हो रहे कोविड टीकाकरण अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां पूरी हैं। लेकिन किसी दुर्गम बूथ पर कनेक्टिविटी की समस्या आने पर भी टीकाकरण नहीं रुकेगा। ऐसे में पर्ची सिस्टम से ऑफलाइन लाभार्थी हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

प्रदेश में कोविड टीकाकरण अभियान का शुभारंभ 33 बूूथों से किया जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों में लगभग चार सौ टीकाकरण बूथ बनाए हैं। प्रत्येक बूथ से टीकाकरण प्रक्रिया की वेब कास्टिंग की जाएगी। जिससे केंद्र की ओर से बूथों पर टीकाकरण पर निगरानी रखी जाएगी।

प्रदेश के दुर्गम बूथों पर यदि कनेक्टिविटी की समस्या आती है तो चुनाव में मतदान के लिए अपनाई जाने वाली पर्ची सिस्टम की तर्ज पर टीकाकरण अभियान जारी रखा जाएगा। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि कनेक्टिविटी की समस्या को ध्यान में रखते हुए कई बूथों पर ऑफलाइन पूर्वाभ्यास किया गया है।

डुप्लीकेसी को रोकने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करना जरूरी है। कनेक्टिविटी समस्या आती है तो लाभार्थी हेल्थ वर्करों को किस दिन वैक्सीन लगनी है और किस बूथ लगेगी, इसके लिए नाम और मोबाइल नंबर के साथ पर्ची दी जाएगी। टीका लगने के बाद वैक्सीनेशन आफिसर को पोर्टल पर लाभार्थी का पंजीकरण करना जरूरी होगा। इससे ऑटोमेटेड सर्टिफिकेट मिलेगा।

उत्तराखंड में अब 33 केंद्रों से होगी टीकाकरण की शुरूआत:
प्रदेश में अब तक 33 बूथों से कोविड टीकाकारण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। केंद्र सरकार ने टीकाकरण की शुरूआत के लिए 41 में से 33 बूथों की अनुमति दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अब 15 जनवरी को 41 बूथों पर होने वाले पूर्वाभ्यास करने की योजना बदल दी है। 

प्रदेश में 16 जनवरी को कोविड टीकाकरण की शुरूआत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों से 41 बूथों की सूची केंद्र को भेजी थी। लेकिन केंद्र ने टीकाकरण शुभारंभ के लिए 33 बूथों को मंजूरी है।

इसमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जिला में चार-चार बूथ, नैनीताल में तीन बूथ और शेष नौ जिलों में दो-दो बूथों पर टीकाकरण का शुभारंभ किया जाएगा। दून व हल्द्वानी मेडिकल कालेज में बनाए गए बूथों में से किसी एक बूथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाइव जुड़ सकते हैं। 

स्वास्थ्य सचिव अमित सिंह नेगी ने बताया कि  पहले दिन के लिए 41 बूथों से प्रदेश में टीकाकरण करने की तैयारी की गई थी। लेकिन केंद्र ने 33 बूथों की अनुमति दी है। इन बूथों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सचिव ने बताया कि बृहस्पतिवार को सभी जिलों में कोविड वैक्सीन पहुंच गई है।

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