150 साल के बाद मिला नदी को ये सम्मान

न्यूजीलैंड के संसद ने वांगनुई नदी को कानूनी मानवाधिकार देने का बिल पास कर दिया है.दुनिया में यह पहली बार हुआ है जब किसी नदी को सजीव मानकर कानूनी अधिकार दिया गया है.

यह नदी  न्यूजीलैंड की तीसरी सबसे बड़ी नदी है जो वांगनुई मध्योतर से निकलकर 145 km बहने के बाद समुद्र में मिल जाती है.अब इस नदी को मनुष्य के समान वैधानिक अधिकार मिल गया है.

इसके लिए माओरी समुदाय 150 वर्षों  से संघर्ष कर रहा था जो इस समुदाय की बहुत बड़ी जीत है.इस नदी को अब माओरी के लोगों जैसे अधिकार मिल गए है,अगर कोई इसको हानि पहुचायेगा तो उसे माओरी को हानि पहुँचाने जैसे कानूनी धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी.

इस खबर को सुनते ही माओरी समुदाय ख़ुशी से झूम उठे तथा बहुत से लोग तो ख़ुशी से रो पड़े .यह नदी माओरी समुदाय की पूर्वज है और अब हमेशा रहेगी.इसका प्रतिनिधित्वा २ लोग करेंगे १ माओरी समुदाय नियुक्त करेगा और १ को सरकार नियुक्त करेगी.

इसका संघर्ष 1870 में माओरी जनजाति के लोगों ने सुरु किया था, 2009 में १ बार माओरी और सरकार के बीच बातचीत हुई थी ,और 2016 में ये बिल संसद में पंहुचा था जो अब पास हो गया है.

भारत की नदियों को कब मिलेगा एसा सम्मान 

गंगा की सफाई पर २ साल में 2958 करोड़ खर्च किये गए जबकि यमुना एक्शन प्लान के लिए 1514 करोड़ का बजट था.

वहीँ गंगा में १०० करोड़ लीटर तक की गंदगी हर दिन गिरती है.

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