शून्य तबादला सत्र घोषित होने के बावजूद उत्तराखंड शिक्षा विभाग में डेढ़ हजार से अधिक माध्यमिक के शिक्षकों के तबादलों की तैयारी है।

शिक्षा निदेशालय की ओर से धारा 27 के तहत तबादलों के लिए शासन को इसका प्रस्ताव भेजा गया है।

प्रदेश में कोविड-19 के चलते कार्मिक विभाग की ओर से भले ही सत्र 2020-21 को शून्य तबादला सत्र घोषित किया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग में तबादलों का सिलसिला थम नहीं रहा है।
हाल ही में छह विभागों उच्च शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विभाग, वित्त विभाग, पशुपालन एवं बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों के धारा 27 के तहत तबादलों को शासन की मंजूरी मिलने के बाद अब बड़ी संख्या में माध्यमिक शिक्षकों के तबादलों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जिन शिक्षकों का प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें शिक्षकों के तबादलों के लिए स्वास्थ्य, दांपत्य नीति एवं अन्य कारणों का उल्लेख किया गया है।
विधायक और मंत्रियों की सिफारिश
शिक्षा निदेशालय की ओर से जिन शिक्षकों के तबादलों का प्रस्ताव भेजा गया है। उसमें कई शिक्षकों के प्रस्ताव विधायकों और मंत्रियों की सिफारिश पर भेजे गए हैं।

तबादला एक्ट में धारा 27 के तहत यह है व्यवस्था:
यदि किसी विभाग की ओर से विशिष्ट परिस्थितियों के कारण तबादला एक्ट के किसी प्रावधान में कोई बदलाव करना हो, कोई विचलन किया जाना हो या कोई छूट दी जानी हो तो ऐसे परिवर्तन, विचलन व छूट के प्रस्ताव को कारण सहित संबंधित विभाग को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति को प्रस्तुत करना होगा। इस समिति की सिफारिश पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद छूट दी जाएगी।

धारा 27 के तहत माध्यमिक के शिक्षकों के तबादलों के लिए कुछ प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। शासन से इसके लिए मंजूरी मिलने पर शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे।
– आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक

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