UPSC CSE 2017: सरकार ने कहा, जनरल स्टडीज को दिए जाने वाले वेटेज में कोई बदलाव नहीं

कार्मिक राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने लोक सभा में स्पष्ट किया है कि सरकार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017 में जनरल स्टडीज को और अधिक वेटेज देने संबंधी किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है. यह परीक्षा इस वर्ष 18 जून को होनी है. उन्होंने यह भी बताया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) बासवान समिति की उस रिपोर्ट पर विचार कर रहा है जिसमें देश के शीर्ष नौकरशाहों के चयन के लिए सेवा परीक्षा में बदलाव करने का सुझाव दिया गया है. यूपीएससी ने बासवान समिति की सिफारिशों पर अपनी रिपोर्ट सरकार को अभी नहीं भेजी है.

आयोग ने अगस्त 2015 में पूर्व मानव संसाधन विकास सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएसएस अधिकारी बी एस बासवान की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी जो सिविल सेवा परीक्षा की पद्धति की समीक्षा कर सके.

बहरहाल, जितेन्द्र सिंह ने यह साफ कर दिया है कि सरकार प्री या मेन्स दोनों में से किसी भी परीक्षा में जनरल स्टडीज के वेटेज में बदलाव करने नहीं जा रही है.

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य शीर्ष सेवाओं के अधिकारियों के चयन के लिए यूपीएससी हर साल तीन चरणों – प्रारंभिक, मुख्य एवं साक्षात्कार – वाली सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करती है. देश भर के विभिन्न केंद्रों पर हर साल लाखों परीक्षार्थी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होते हैं.

प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन प्राप्त करने की आखिरी तारीख 17 मार्च 2017 है. 17 मार्च को शाम छह बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे.

प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अक्तूबर 2017 में संभावित मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा. अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने की न्यूनतम उम्र 21 साल जबकि अधिकतम उम्र 32 साल है. ऐसे अभ्यर्थी इस आयु सीमा के बीच अधिकतम छह बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हो सकते हैं.

बहरहाल, आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों को उम्र सीमा और परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रयासों की संख्या में नियमों के तहत रियायतें दी जाती है.

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