अगर आपके पास भी है, 2000 का नोट तो ये खबर जरुर पढ़े …..

9 नवंबर को देशभर में नोटबंदी की घोषणा के बाद जब पुराने पांच सौ और एक हजार के नोट बंद किए गए उसके बाद उनकी जगह नए दो हजार और पांच सौ रुपये के नोट लाए गए थे। जिस से विपक्ष ने काफी आलोचन भी की थीमोदी सरकार की लेकिन जनता का भरपूर समर्थन मिला उस्सी का नतीजा है उत्तर प्रदेश का चुनाव जेटली ने कहा कि इस बारे में जो आंकड़े मिले हैं उसे कैश के तौर पर मौजूद उनकी संख्या से मिलाना होगा, ताकि नकली नोट, गिनती में गलती और दो बार गिनती जैसी गलतियों को सुधारा जा सके।

उसके बाद ही अंतिम आंकड़ों तक पहुंचा जा सकेगा। जेटली ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा, ‘दो हजार के नोटों के चलन से बाहर निकालने का कोई प्रस्ताव नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा कि 10 दिसंबर 2016 तक पुराने पांच सौ और एक हजार के कुल 14.44 लाख करोड़ रुपये आरबीआई में जमा कराए गए थे।

वित्तमंत्री ने आगे कहा कि 3 मार्च 2017 तक 12 लाख करोड़ रुपये चलन में था, जबकि 27 मार्च तक यह रकम 9.921 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का उद्देश्य देश में नई अर्थव्यवस्था का सृजन करना था, जहां देश की सकल घरेलू अर्थव्यवस्था बड़ी, साफ और वास्तविक होगी। जेटली ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा, ‘दो हजार के नोट के चलन से बाहर निकालने का कोई प्रस्ताव नहीं है।’ केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी के बाद जो दो हजार के नए नोट चलन में लाए गए हैं, उसे वापस लेने का कोई ऐसा प्रस्ताव नहीं है।

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